देहरादून: उत्तराखंड में चार साल से गहराया अंकिता भंडारी हत्याकांड का केंद्र दिल्ली शिफ्ट हो गया है। इस मामले को अब कांग्रेस जोरदार तरीके से उठा रही है। एक दिन पहले नेता विपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की। दरअसल, भाजपा नेता को पद दिए जाने के बाद अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली में प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले में सीबीआई जांच तेज न होने का आरोप लगाया। दरअसल, भाजपा नेता का नाम सामने आने के बाद पुष्कर सिंह धामी सरकार ने माता-पिता की मांग पर सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी थी। गुरुवार को अंकिता भंडारी के माता-पिता से सपा सांसद डिंपल यादव ने मुलाकात की। यूपी-उत्तराखंड चुनाव से पहले इस मुद्दे को गहराने की कोशिश लगातार हो रही है।
डिंपल यादव ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि जब हमारी बेटी ने हार नहीं मानी, तो हम उसके माता-पिता होने के नाते कैसे हार मान सकते हैं? अंकिता भंडारी के माता-पिता के ये शब्द आज भारत के उन सभी माता-पिता के दर्द को बयां करते हैं, जो देश के युवाओं, खासकर युवतियों पर गुंडों के बेरहम अत्याचार को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं अंकिता भंडारी के माता-पिता को सलाम करती हूं।
डिंपल यादव ने कहा कि सिस्टम के खिलाफ निडर होकर लड़ने के उनके साहस की सराहना करती हूं। आज हर भारतीय उनके साथ खड़ा है। एक 19 साल की लड़की को इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसने अपनी गरिमा से समझौता करने से इनकार कर दिया था।
सपा सांसद डिंपल यादव ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बच्ची के फैसले के उलट आरोपियों को बीजेपी की ओर से पुरस्कृत किया जा रहा है। पिछले चार सालों से बीजेपी ने मामले में चुप्पी साध रखी है। यही चुप्पी उसका असली चेहरा है। सपा सांसद ने कहा कि जो लोग 'कल्चरल शॉक' की बात करते हैं, उनके लिए यही असली 'कल्चरल शॉक' है। हमें अंकिता के लिए न्याय चाहिए।
अंकिता भंडारी के माता-पिता और हिरासत में लिए गए कांग्रेस प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है। अंकिता के माता-पिता एक रिश्तेदार के यहां रहने चले गए हैं। वहीं, मामले में अंकिता भंडारी के पिता ने कहा कि हम सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं। अगर कार्रवाई नहीं होती है तो देश भर में, हर राज्य में लोग अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आएंगे। हमारी बेटी को अधूरा न्याय मिला है, क्योंकि इस मामले में एक वीआईपी का नाम सामने आया था।
पिता ने आरोप लगाया कि वीआईपी को बचाने के लिए एसआईटी और सरकार ने जानबूझकर ऐसा किया है। जैसा कि आप देख सकते हैं, जब तक सीबीआई की जांच नहीं होती तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। अगर न्याय नहीं मिला तो जनता सड़कों पर उतरेगी।