नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली INDIA ब्लॉक की रैली से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। पार्टी ने सोमवार को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, 'भारत-विरोधी ताकतों को बता दें कि मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं।' बीजेपी की यह टिप्पणी खरगे के उस बयान के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने कहा था, 'मोदी का बाप भी जाएगा।'
उधर इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच रैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों की चिंता भी बढ़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक डायवर्जन और सड़कों पर पाबंदियों से त्योहारी सीजन में बाजारों का कारोबार प्रभावित हो सकता है।
रामलीला मैदान में होने वाली रैली के जरिए कांग्रेस और INDIA ब्लॉक मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को घेरने की तैयारी में हैं। विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी आपत्तियां उठा रहा है।
रैली की तारीख बदलने की मांग को लेकर सोमवार को व्यापारियों ने कश्मीरी गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारा लगाया, '20,000 व्यापारियों की एक ही पुकार, दिवाली के बाद करें रैली पर विचार।' चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि व्यापारी INDIA ब्लॉक के नेताओं, खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली स्थगित करने की अपील करेंगे।
व्यापारियों को आशंका है कि बड़ी भीड़ के कारण रामलीला मैदान के आसपास के बाजारों तक पहुंचना मुश्किल होगा। गोयल ने कांग्रेस के उस अनुमान का हवाला दिया, जिसके मुताबिक रैली में करीब 10 लाख लोग जुट सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि मैदान की क्षमता लगभग 50 हजार लोगों की है और इतनी बड़ी भीड़ से आसपास के कारोबार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
व्यापारियों के मुताबिक, रामलीला मैदान के पांच किलोमीटर के दायरे में चांदनी चौक, सदर बाजार, खारी बावली, नया बाजार, चावड़ी बाजार, दरियागंज और कश्मीरी गेट समेत 20 से ज्यादा थोक बाजार हैं। उनका कहना है कि सड़कें बंद होने और यातायात बदलने से दिल्ली के बाहर से रोज आने वाले तीन से चार लाख खरीदार बाजारों तक नहीं पहुंच पाएंगे। स्थानीय ग्राहक भी ट्रैफिक की परेशानी के चलते खरीदारी से बच सकते हैं।
गोयल ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां दो से चार हजार लोगों की भीड़ के दौरान मेट्रो स्टेशन बंद करने, बैरिकेडिंग और अन्य पाबंदियों की जरूरत पड़ी थी। उनके मुताबिक, उस समय 20 से ज्यादा बड़े बाजारों को बंद करना पड़ा था। हालांकि, ये आंकड़े और आकलन व्यापारियों की ओर से दिए गए हैं।
व्यापारियों की अपील पर राहुल गांधी ने एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर व्यापारी प्रधानमंत्री मोदी से वोट चोरी के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए कहें, तो ये विरोध-प्रदर्शन '30 सेकंड में रुक जाएंगे।' वहीं, सदर बाजार बड़ी मार्केट ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने भी कांग्रेस नेतृत्व से रैली दिवाली के बाद आयोजित करने की अपील की।