नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने वर्ष 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों को निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से संपन्न कराने के लिए अपनी प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मंगलवार को आयोग ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र भेजकर चुनाव प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के निर्देश दिए हैं। ECI की इस नीति का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के पक्षपात को रोकना है।
चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, चुनाव से सीधे तौर पर जुड़े किसी भी अधिकारी को उनके गृह जिले या ऐसे स्थानों पर तैनात नहीं रखा जाएगा, जहां वे लंबे समय से सेवा दे रहे हों। यह नियम डिविजनल कमिश्नर, म्युनिसिपल कमिश्नर, आबकारी और परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस विभाग के उच्च और छोटे अधिकारियों यानी एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी, एसपी, डीसीपी, इंस्पेक्टर पर भी समान रूप से लागू होगा। आयोग ने राज्यों को 30 नवंबर तक अनुपालन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
आपको बता दें कि पांचों राज्यों की मौजूदा विधानसभाओं का कार्यकाल मार्च से मई 2027 के बीच समाप्त हो रहा है। आयोग के अनुसार गोवा विधानसभा का कार्यकाल 14 मार्च 2027, मणिपुर का 13 मार्च, पंजाब का 16 मार्च, उत्तराखंड का 28 मार्च और उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 तक है।