देहरादून: हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण का सियासी वबाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार हमलावर है। इस बीच सीएम पुष्कर सिंह धामी का बयान भी सामने आया है। सीएम धामी ने कहा है कि कांग्रेस के पास यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान किसी समुदाय या व्यक्ति का अपमान करने के उद्देश्य से किया गया था।
सीएम धामी ने आगे कहा कि यह अनुष्ठान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के दौरान मंच से जिहादी नारे लगाए जाने के बाद आयोजित किया गया था। विवाद सामने आने के बाद सीएम धामी का पहली बार बयान सामने आया है। जिसमें जिहादी शब्द का इस्तेमाल किया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, जिहादी नारे लगाए जाने के बाद एक सामाजिक संगठन ने उस जगह का शुद्धिकरण किया। यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं था। अगर कोई इसे अलग रूप या राजनीतिक रंग देने की कोशिश करता है, तो इसमें कोई क्या कर सकता है? मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील विषयों को हवा देने के बजाय कांग्रेस को तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी निभाने की अपील भी की।
बता दें कि हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद एक संगठन ने हवन किया था। जिसके बाद कांग्रेस ने इसे दलित का अपमान बताया था। इस मुद्दे को लेकर जमकर राजनीति भी हो रही है। इस मामले में हल्द्वानी में वकील अंजू की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सीएम धामी का हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण को लेकर ऐसे समय में आया है जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उत्तराखंड दौरे पर हैं।