मसूरी: वीकेंड पर पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार नजर आई। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी की ठंडी वादियों का आनंद लेने पहुंचे। मालरोड से लेकर बाजारों और प्रमुख पर्यटन स्थलों तक दिनभर चहल-पहल बनी रही।
पर्यटकों की बढ़ी आमद से होटल, रेस्टोरेंट, टैक्सी चालकों और छोटे कारोबारियों के चेहरे भी खिल उठे। लंबे समय से बारिश और सड़क संबंधी समस्याओं से प्रभावित पर्यटन कारोबारियों के लिए वीकेंड पर पर्यटकों की भीड़ राहत लेकर आई।
हालांकि, मसूरी पहुंचने से पहले ही कई पर्यटकों के सफर का मजा पानी वाले बैंड के पास लगे लंबे जाम ने किरकिरा कर दिया। क्षतिग्रस्त सड़क के कारण मार्ग संकरा होने से वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई। देखते ही देखते देहरादून-मसूरी मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
कई पर्यटक घंटों तक जाम में फंसे रहे। स्थिति यह रही कि कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में भी काफी समय लग गया।
दिल्ली से परिवार के साथ मसूरी पहुंचे पर्यटक शुभांशु चौधरी ने बताया कि देहरादून से मसूरी पहुंचने में उन्हें करीब तीन घंटे लग गए। पानी वाले बैंड के पास उनका वाहन काफी देर तक जाम में फंसा रहा।
शुभांशु ने कहा कि पहाड़ी सड़क पर इस तरह वाहनों का लंबे समय तक रुकना परेशान करने के साथ चिंता बढ़ाने वाला भी है। उन्होंने सड़क को जल्द ठीक कराने की जरूरत बताई, ताकि मसूरी आने वाले पर्यटकों को रास्ते में इस तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।
वहीं, पंजाब से आए पर्यटक जसबीर सिंह ने कहा कि उन्हें मसूरी आने का काफी उत्साह था, लेकिन रास्ते में लगे जाम ने काफी समय खराब कर दिया। उन्होंने कहा कि देहरादून से मसूरी के बीच सड़क की स्थिति कई जगह चिंता बढ़ाने वाली है।
जसबीर के मुताबिक, पर्यटन सीजन में यदि सड़क और जाम की यही स्थिति बनी रही तो इसका सीधा असर पर्यटकों के अनुभव पर पड़ सकता है।
वीकेंड पर मसूरी में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ को पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है। होटल और रेस्टोरेंट में रौनक बढ़ी, वहीं टैक्सी चालकों, दुकानदारों और पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी काम मिला।
लंबे समय से बारिश और सड़क संबंधी समस्याओं से प्रभावित कारोबारियों के लिए पर्यटकों की यह भीड़ उम्मीद लेकर आई है। हालांकि, कारोबारियों का कहना है कि पर्यटकों के मसूरी पहुंचने से पहले ही यदि वे घंटों जाम में फंसेंगे तो इससे पर्यटन स्थल को लेकर नकारात्मक संदेश जाएगा।
कारोबारियों के मुताबिक, पर्यटक पहाड़ों में छुट्टियां बिताने और सुकून का अनुभव करने आते हैं, लेकिन रास्ते में घंटों जाम में फंसने से उनका समय और पूरा यात्रा अनुभव प्रभावित होता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वीकेंड और पर्यटन सीजन के दौरान देहरादून-मसूरी मार्ग पर वाहनों का दबाव सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाता है। ऐसे में पानी वाले बैंड के पास क्षतिग्रस्त सड़क को जल्द दुरुस्त कराने के साथ ही ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है।
लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत में देरी का असर सिर्फ यातायात व्यवस्था पर नहीं पड़ रहा है, बल्कि इससे पर्यटकों की परेशानी और सुरक्षा का मुद्दा भी जुड़ा हुआ है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यदि पर्यटन सीजन में वाहनों का दबाव इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में जाम की समस्या और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने संबंधित विभाग से सड़क को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने और पर्यटन सीजन को देखते हुए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू करने की मांग की है।