देहरादून: उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार आई तो गैरसैंण में राजधानी बनेगी और हर बेरोजगार परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिया जाएगा। यह वादा किया है उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने। उन्होंने विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति, हरीश रावत जैसे नेताओं की नाराजगी और प्राथमिकताओं पर हेमंत राजौरा के साथ बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश :
मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद उस स्थल का शुद्धीकरण किया जाना और प्रदेश BJP अध्यक्ष महेंद्र भट्ट व मुख्यमंत्री का इसे जायज ठहराना निश्चित रूप से एक समाज के प्रति द्वेष की भावना को प्रदर्शित करता है। BJP की यह समाज को बांटने और द्वेष की विचारधारा है। हम इसका विरोध और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। एफआईआर कांग्रेस के संघर्ष की जीत है, प्रदेश के जनमानस की जीत है।
2027 में कांग्रेस की सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या होगी? 2022 की हार से आपने क्या सबक लिया है?
मेरी सबसे बड़ी प्राथमिकता आम लोगों से संपर्क करके प्रदेश की वास्तविक स्थिति उनके सामने रखना है। जहां तक 2022 की बात है, मेरा मानना है कि हम BJP के झूठ से हारे। BJP ने झूठ बोलकर नैरेटिव बनाए और लोगों ने उस सत्य माना। इस बार हम BJP के झूठ को पहले ही बेनकाब करेंगे।
क्या पिछले चुनाव में सोशल मीडिया कैंपेन को उतना महत्व नहीं दिया गया था?
बिल्कुल, पिछली बार हम सोशल मीडिया पर इस तरह एक्टिव नहीं थे। मैं खुद मानता था कि काम करो और काम खुद प्रचार करेगा। लेकिन, आज के समय में सोशल मीडिया की आवश्यकता है। इसलिए हम इस फील्ड में भी ध्यान दे रहे हैं।
2027 में हरीश रावत की क्या भूमिका होगी, क्या उन्हें चुनाव अभियान में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी?
उनकी पार्टी के प्लैटफॉर्म पर मजबूत भूमिका होगी। वह आज भी हमारी पार्टी के सर्वोच्च और सबसे अधिक स्वीकार्य नेताओं में हैं। हर इलाके और हर रीजन में उनके बड़ी संख्या में फॉलोअर हैं। जिम्मेदारी हाईकमान तय करता है। हम चाहेंगे कि हाईकमान उन्हें ऐसी जिम्मेदारी दे, जिससे उनके व्यक्तित्व और अनुभव का पार्टी को फायदा मिले।
BJP के पास पुष्कर सिंह धामी का नेतृत्व और सरकार की योजनाओं का अपना नैरेटिव है। कांग्रेस का वैकल्पिक मॉडल क्या होगा?
पुष्कर सिंह धामी का कोई नेतृत्व है ही नहीं। यह तो नरेंद्र मोदी का डर है BJP के नेताओं को, जिससे वे झुके हुए हैं। सीएम धामी के पास कोई विजन नहीं है। अगर सरकार ने महिलाओं को सशक्त किया होता तो उन्हें रोजगार देती। हमारे भाइयों को जिस तरह बेरोजगारी के दलदल में धकेला गया है, लोग उसे माफ नहीं करेंगे। हमारी सरकार बनने पर उत्तराखंड के हर उस परिवार के एक सदस्य को सम्मानजनक रोजगार दिया जाएगा, जिसमें कोई सरकारी सेवा में नहीं है। साथ ही, गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग हम पूरी करेंगे।
क्या कांग्रेस चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करेगी?
उत्तराखंड में हम कांग्रेस के जितने भी नेता हैं, सामूहिक रूप से चेहरा हैं। कांग्रेस का हाथ का निशान भी चेहरा है। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को बेहतर राज्य बनाना है और यही हमारा चेहरा है। बहुत-सी बातें समय से पहले नहीं कही जानी चाहिए। मुख्यमंत्री के चेहरे पर फैसला हाईकमान के स्तर पर होगा। यह मेरे अधिकार क्षेत्र की बात नहीं है।