देहरादून/उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र के केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन के बाद फंसे सात ट्रेकर्स और एक गाइड की तलाश जारी है। रविवार को हेलीकॉप्टर के माध्यम से क्षेत्र की दो बार हवाई रेकी की गई, लेकिन लापता लोगों या उनके टेंट का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला। अत्यधिक बर्फबारी और दुर्गम परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। अभियान के लिए SDRF की एक अतिरिक्त माउंटेनियरिंग टीम को जरूरी उपकरणों के साथ रवाना किया गया है।
केदारताल क्षेत्र में फंसे आठ लोगों की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर से दो बार हवाई सर्वे किया गया। हालांकि, इस दौरान लापता ट्रेकर्स या उनके टेंट की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में जगह-जगह हिमस्खलन होने के कारण पैदल रेस्क्यू करना मुश्किल है। ऐसे में हेली रेस्क्यू के जरिए अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने बताया कि प्रतिकूल मौसम के चलते शनिवार को गंगोत्री लौट आईं NDRF, SDRF और गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र की टीमों को पैदल रेस्क्यू के लिए ट्रेक पर नहीं भेजा गया। देहरादून से हेलीकॉप्टर के रेस्क्यू अभियान के लिए उड़ान भरने की सूचना है। मौसम और परिस्थितियां अनुकूल होने पर अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के ट्रेकर्स का 13 सदस्यीय दल गंगोत्री धाम से केदारताल ट्रेक के लिए रवाना हुआ था। दल के साथ गया एक कुक रास्ते से ही गंगोत्री वापस लौट आया था। बाकी सदस्यों की वापसी गुरुवार को होनी थी, लेकिन बाद में सूचना मिली कि हिमस्खलन के कारण दल भोजखड़क के पास फंस गया है।
इसके बाद ट्रेकिंग एजेंसी ने दल की तलाश के लिए एक टीम भेजी। इस टीम को चार सदस्य सुरक्षित मिले, जो शनिवार को गंगोत्री लौट आए। शेष आठ लोगों में सात ट्रेकर्स और एक गाइड शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
फंसे हुए आठ लोगों की स्थिति का पता लगाने के लिए हेलीकॉप्टर से रेकी की गई थी। इस दौरान उनके सुरक्षित स्थान पर होने की जानकारी मिली थी। हालांकि, इनमें से एक ट्रेकर के सिर में चोट लगने की सूचना है। अत्यधिक बर्फबारी और दुर्गम रास्तों के चलते रेस्क्यू टीमों को अभियान आगे बढ़ाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
SDRF की अतिरिक्त माउंटेनियरिंग टीम को आवश्यक उपकरणों के साथ रवाना किया गया है। वहीं, गढ़वाल हिमालय माउंटेनियरिंग एंड ट्रेकिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेन्द्र राणा ने किसी अप्रिय घटना से बचाव के लिए जल्द रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने की मांग की है।